भारत में मानसून सिर्फ मौसम नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। साल 2026 का मानसून चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है।
2026 के मानसून की स्थिति क्या रहेगा
दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून 2026 को केरल पहुंचा, जो सामान्य समय से लगभग 3 दिन देर से माना गया। हालांकि मानसून की प्रगति जारी है, लेकिन कई राज्यों में अभी भी गर्मी और उमस का असर बना हुआ है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी क्या कहती है?
भारतीय मौसम विभाग ने 2026 के लिए मानसून को "Below Normal" श्रेणी में रखा है। पूरे सीजन में वर्षा लगभग 90% Long Period Average (LPA) रहने का अनुमान है। कई क्षेत्रों में जून महीने में कम बारिश और अधिक हीटवेव की संभावना जताई गई है।
किसानों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर बारिश सामान्य से कम होती है तो:
धान, सोयाबीन और कपास जैसी फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
सिंचाई के लिए पानी की कमी हो सकती है।
खाद्यान्न उत्पादन घटने से कीमतें बढ़ सकती हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की स्थिति
महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लोग मानसून का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून आगे बढ़ सकता है, हालांकि इसकी गति क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।
